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समस्तीपुर में स्वास्थ्य केंद्रों पर डीएम का बड़ा एक्शन, 102 PHC-APHC का औचक निरीक्षण

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समस्तीपुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर 102 स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण शुरू हुआ है। दवा, डॉक्टरों की उपस्थिति और सुविधाओं की जांच की जा रही है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने और व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के 102 स्वास्थ्य केंद्रों पर एक साथ व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) दोनों को शामिल किया गया है, जहां अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परख रही है।

जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष ‘पुनः जांच’ अभियान का मकसद केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि पूर्व में चिन्हित कमियों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार हुआ है या नहीं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि वे हर पहलू की गहन जांच करें और निर्धारित समय के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इस बड़े अभियान के तहत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से टीमों का गठन कर उन्हें विभिन्न प्रखंडों और केंद्रों पर तैनात किया है ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। कई वरीय उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं।

जांच के दौरान सबसे अधिक फोकस स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति पर रखा गया है। यह देखा जा रहा है कि डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर मौजूद हैं या नहीं और मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है या नहीं। इसके साथ ही दवाओं के स्टॉक की भी बारीकी से जांच की जा रही है, खासकर जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।

बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी इस जांच का अहम हिस्सा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और मरीजों के बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण करें और जहां कहीं भी कमी मिले, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। इसके अलावा चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और रख-रखाव की स्थिति भी जांच के दायरे में रखी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह जांच केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की जवाबदेही तय करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के लिए रिपोर्ट करें।

प्रशासन के अनुसार यह अभियान पूर्व में किए गए निरीक्षण का फॉलो-अप है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि पहले चिन्हित की गई कमियों में कितना सुधार हुआ है। अगर कहीं भी सुधार नहीं पाया गया या लापरवाही सामने आई, तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि समस्तीपुर जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले दिनों में इस निरीक्षण के परिणाम सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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